लोकसभा चुनाव से पहले देश की राजनीति में हलचल बढ़ रही है. एक तरफ जहां पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है, तो वहीं गुजरात कांग्रेस के नेता अल्पेश ठाकोर के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की भी अटकलें तेज हैं. इन्हीं अटकलों के बीच अल्पेश ठाकोर ने अपने समर्थकों की बड़ी बैठक बुलाई है.
अल्पेश अपनी ‘क्षेत्रीय ठाकोर सेना’ के साथ बैठक करेंगे. सूत्रों की मानें तो इस बैठक में वह फैसला ले सकते हैं कि क्या वह कांग्रेस के साथ बने रहें या फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हों. गुजरात की राधनपुर सीट से विधायक अल्पेश ठाकोर गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी में आए थे. हालांकि, बीते कुछ समय से ही उनके नाराज़ होने की खबरें थीं.
कौन हैं अल्पेश ठाकोर?
गुजरात के युवा ओबीसी नेताओं में शामिल अल्पेश ठाकोर गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले चर्चा में आए थे. तब अल्पेश, जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल की तिकड़ी भारतीय जनता पार्टी के लिए मुश्किल बनी थी. चुनाव से ऐन पहले अल्पेश ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था.
कांग्रेस की ओर से उन्हें बिहार का सह-प्रभारी बनाया गया था और लगातार पार्टी में उनका कद बढ़ रहा था. लेकिन बीते दो-तीन महीनों से ही अटकलें थीं कि वह कांग्रेस से नाराज़ हैं और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं. अल्पेश की ओर से उनकी और उनके समुदाय की अनदेखी का आरोप लगाया गया था. हालांकि, कुछ समय पहले अल्पेश ने बीजेपी में जाने की अटकलों को नकारा था.
पिछले साल गुजरात में बिहार समेत उत्तर भारतीयों के खिलाफ हुई हिंसा के दौरान भी अल्पेश चर्चा में आए थे. तब उनपर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था, हालांकि उन्होंने इस बात से नकारा था.
कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं हार्दिक!
गुजरात की इस युवा तिकड़ी के दूसरे साथी और बड़े पाटीदार नेता हार्दिक पटेल 12 मार्च को कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. चर्चा है कि हार्दिक पटेल आने वाले लोकसभा चुनाव में गुजरात की जामनगर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.
13 प्वॉइंट रोस्टर को लेकर बढ़ती नाराजगी को देखते हुए मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉफ्रेंस करके भरोसा दिलाया था कि सरकार इस मसले पर गंभीर है और अध्यादेश लाने के बारे में विचार कर रही है. उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार हमेशा सामाजिक न्याय के पक्ष में है. सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद हमने अध्यादेश लाने का फैसला किया है.
बता दें कि जनवरी 22 को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए 200 प्वॉइंट रोस्टर सिस्टम हटाने के आदेश दिए थे. इसकी जगह 13 प्वॉइंट रोस्टर सिस्टम लागू करने को कहा गया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाया था, जिसे कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया.
इसके बाद से दलित-ओबीसी और आदिवासी संगठन 13 पॉइंट रोस्टर को लेकर विरोध कर रहे हैं. इनकी मांग है कि 200 पॉइंट रोस्टर सिस्टम को लागू किया जाए.
दरअसल, 200 प्वॉइंट रोस्टर सिस्टम के तहत पूरी यूनिवर्सिटी को एक यूनिट की तरह देखा जाता है. इस नियम के तहत 200 पदों में से 99 पद एससी(SC) एसटी(ST) और ओबीसी (OBC) के लिए आरक्षित और बची 101 सीटें अनारक्षित होती थी. लेकिन, 13 प्वॉइंट रोस्टर तहत यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट को एक यूनिट के रूप में स्थापित किया जाता है. इसके तहते हर विभाग के लिए निकलने वाली नौकरियों को आरक्षण के दायरे में रखा जाता है. इस नियम के तहत दलित और पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित सीटें कम हो जाती है.
अल्पेश अपनी ‘क्षेत्रीय ठाकोर सेना’ के साथ बैठक करेंगे. सूत्रों की मानें तो इस बैठक में वह फैसला ले सकते हैं कि क्या वह कांग्रेस के साथ बने रहें या फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हों. गुजरात की राधनपुर सीट से विधायक अल्पेश ठाकोर गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी में आए थे. हालांकि, बीते कुछ समय से ही उनके नाराज़ होने की खबरें थीं.
कौन हैं अल्पेश ठाकोर?
गुजरात के युवा ओबीसी नेताओं में शामिल अल्पेश ठाकोर गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले चर्चा में आए थे. तब अल्पेश, जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल की तिकड़ी भारतीय जनता पार्टी के लिए मुश्किल बनी थी. चुनाव से ऐन पहले अल्पेश ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था.
कांग्रेस की ओर से उन्हें बिहार का सह-प्रभारी बनाया गया था और लगातार पार्टी में उनका कद बढ़ रहा था. लेकिन बीते दो-तीन महीनों से ही अटकलें थीं कि वह कांग्रेस से नाराज़ हैं और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं. अल्पेश की ओर से उनकी और उनके समुदाय की अनदेखी का आरोप लगाया गया था. हालांकि, कुछ समय पहले अल्पेश ने बीजेपी में जाने की अटकलों को नकारा था.
पिछले साल गुजरात में बिहार समेत उत्तर भारतीयों के खिलाफ हुई हिंसा के दौरान भी अल्पेश चर्चा में आए थे. तब उनपर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था, हालांकि उन्होंने इस बात से नकारा था.
कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं हार्दिक!
गुजरात की इस युवा तिकड़ी के दूसरे साथी और बड़े पाटीदार नेता हार्दिक पटेल 12 मार्च को कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. चर्चा है कि हार्दिक पटेल आने वाले लोकसभा चुनाव में गुजरात की जामनगर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.
13 प्वॉइंट रोस्टर को लेकर बढ़ती नाराजगी को देखते हुए मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉफ्रेंस करके भरोसा दिलाया था कि सरकार इस मसले पर गंभीर है और अध्यादेश लाने के बारे में विचार कर रही है. उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार हमेशा सामाजिक न्याय के पक्ष में है. सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद हमने अध्यादेश लाने का फैसला किया है.
बता दें कि जनवरी 22 को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए 200 प्वॉइंट रोस्टर सिस्टम हटाने के आदेश दिए थे. इसकी जगह 13 प्वॉइंट रोस्टर सिस्टम लागू करने को कहा गया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाया था, जिसे कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया.
इसके बाद से दलित-ओबीसी और आदिवासी संगठन 13 पॉइंट रोस्टर को लेकर विरोध कर रहे हैं. इनकी मांग है कि 200 पॉइंट रोस्टर सिस्टम को लागू किया जाए.
दरअसल, 200 प्वॉइंट रोस्टर सिस्टम के तहत पूरी यूनिवर्सिटी को एक यूनिट की तरह देखा जाता है. इस नियम के तहत 200 पदों में से 99 पद एससी(SC) एसटी(ST) और ओबीसी (OBC) के लिए आरक्षित और बची 101 सीटें अनारक्षित होती थी. लेकिन, 13 प्वॉइंट रोस्टर तहत यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट को एक यूनिट के रूप में स्थापित किया जाता है. इसके तहते हर विभाग के लिए निकलने वाली नौकरियों को आरक्षण के दायरे में रखा जाता है. इस नियम के तहत दलित और पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित सीटें कम हो जाती है.
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